द्वादशदिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्य
द्वादश दिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्यों के नाम और विवरण। श्रीरामानुजाचार्य के प्रमुख शिष्यों और आलवारों की नामावली।
विशिष्टाद्वैत वेदांत के अनुसार जीव, प्रकृति और परब्रह्म के स्वरूप, कारण और परिणाम, जीवों का तिरोहित स्वरूप, तथा मोक्ष और भक्ति का मार्ग।
ब्रह्म ही जगत का 'उपादान कारण' है तथा निमित्त कारण हैं। इसका दृष्टान्त है, मकड़ी से जाल की उत्पत्ति। नोट: समस्त कायों के दो कारण होते हैं:
यथा मिट्टी के घड़े का उपादान कारण मिट्टी है और निमित्त कारण कुम्हार हैं। 'अभिन्न' निमित्तोपादान कारण का दृष्टान्त है, जैसे मकड़ी अपने से ही सूत पैदा करती है, उससे जाल बनाती है। मकड़ी, सूत और जाल ये तीनों यथार्थ हैं।
I am a writer and researcher dedicated to collecting and sharing Hindu stotra, rituals, festivals, and cultural wisdom. My work focuses on preserving and presenting authentic knowledge in a simple, meaningful way.
द्वादश दिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्यों के नाम और विवरण। श्रीरामानुजाचार्य के प्रमुख शिष्यों और आलवारों की नामावली।
धनुर्दास और उनकी पत्नी हेमाम्बा की भक्ति, श्रीरामानुजाचार्य की कृपा, गरुड़-महोत्सव में घटनाएँ, गुण और ब्राह्मण धर्म का महत्व।
श्रीरामानुजाचार्य द्वारा रचित प्रमुख ग्रन्थों का परिचय एवं विवरण। वेदार्थ संग्रह, वेदान्तसार, वेदान्त दीप, श्रीभाष्य, गीता भाष्य, गद्यत्रय, नित्याराधन।
