• 29 Mar, 2026

द्वादश दिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्यों के नाम और विवरण। श्रीरामानुजाचार्य के प्रमुख शिष्यों और आलवारों की नामावली।

द्वादशदिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्यों की नामावली

(प्रपन्नामृत के ७४ वें अध्याय से संकलित)

नाथार्य पंकजाक्षाश्च राम मिश्रश्च यामुनः ।
गोष्ठीपूणों महापूणर्णो मालाधार गुरुस्तथा ।
भूरिश्री शैलपूर्णश्च वररंगस्तथैव च ।
काँचीपूर्णदयश्चैते पूर्वाचार्याः प्रकीर्तिताः ॥

दस पूर्वाचार्य

  1. श्री नाथमुनि स्वामी
  2. श्री पुंडरीकाक्ष स्वामी
  3. श्रीराममिश्र स्वामी
  4. श्रीयामुन मुनि आचार्य
  5. श्री गोष्ठीपूर्ण स्वामी
  6. श्री महापूर्ण स्वामी
  7. श्री मालाधार स्वामी
  8. श्री शैलपूर्ण स्वामी
  9. श्री वररंग स्वामी
  10. श्रीकांचीपूर्ण स्वामी

इसी प्रकार द्वादश दिव्य सूरी भी हैं। उनके नाम ये हैं :-

कासरभूत महदाह्वय भक्तिसारान्
सेवे शठारि कुल शंखर विष्णुचित्तान्
भक्तांघ्रि रेणु मुनिवाह चतुष्कविन्द्रान्
माधुर्यगान् तुलसी वनजा मतीक्रान् ॥

द्वादश दिव्य सूरी

  1. श्री सरोयोगी
  2. श्री भूतयोगी
  3. श्रीमहद् योगी
  4. श्री भक्तिसार
  5. श्री शठकोप स्वामी
  6. श्री कुलशेखर स्वामी
  7. श्री विष्णुचित्त स्वामी
  8. श्री भक्तांघ्रिरेणु स्वामी
  9. श्री मुनिवाहन योगी
  10. श्री परकाल स्वामी
  11. श्री मधुरकवि स्वामी
  12. श्री गोदाम्बा जी

द्वादस आलवारों के नाम श्री पराशर भट्ट ने एक श्लोक में इस प्रकार दिए हैं :-

भूतं सरश्च महदाह्वय भट्टनार्थः श्री भक्तिसारकुल शेखर योगिवाहान् ।
भक्ताँघ्रिरेणु परकाल यतीन्द्र मिश्रान् श्रीमत्परांकुश मुनि प्रणतोस्मि नित्यम् ॥
  1. श्री भूत योगी
  2. श्री सरो योगी
  3. श्रीमद्योगी
  4. श्री भक्तिसार
  5. श्री शठकोप स्वामी
  6. श्री मधुरकवि
  7. श्री कुलशेखर स्वामी
  8. श्री विष्णुचित्त स्वामी
  9. गोदाम्बा
  10. भक्ताँघ्रिरेणु स्वामी
  11. मुनिवाहन स्वामी
  12. योगिवाहन स्वामी (श्री परकाल स्वामी)

श्री रामानुज स्वामी की गणना आचार्य और आलवार दोनों में है।

विष्णुचित्त स्वामी को गोदाम्बा तुलसी के छोटे उद्यान में मिली थीं, इसीलिए उन्हें 'तुलसी बनजा' कहा गया। महाराज श्री जनक जी की जैसी जानको अयोनिजा पुत्री हैं, वैसे ही श्री विष्णुचित्त स्वामी की गोदाम्बा भो अयोनिजा है।

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Hari Krishna Regmi

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I am a writer and researcher dedicated to collecting and sharing Hindu stotra, rituals, festivals, and cultural wisdom. My work focuses on preserving and presenting authentic knowledge in a simple, meaningful way.