Day 1 : परस्परं परिचयः (आपसी परिचय)
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इस पाठ में क्या सीखेंगे?
- अपना और दूसरों का परिचय संस्कृत में देना
- पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग का प्रारम्भिक ज्ञान
- "यह", "वह" जैसे शब्दों का सही प्रयोग
- सरल दैनिक बोलचाल के वाक्य
यह पाठ संस्कृत बोलचाल कोर्स (Beginner Level) का पहला अभ्यास है, जिससे छात्र बिना डर के संस्कृत बोलना शुरू कर सके।
1. अपना नाम बताना
मम नाम शम्भुनाथः।
मेरा नाम शम्भुनाथ है।
👉 मम नाम = मेरा नाम
2. नाम पूछना (पुरुष और स्त्री)
(क) पुरुष के लिए
भवतः नाम किम् ?
आपका नाम क्या है? (पुंल्लिङ्ग)
(ख) स्त्री के लिए
भवत्याः नाम किम् ?
आपका नाम क्या है? (स्त्रीलिङ्ग)
👉 भवतः = आपका (पुरुष)
👉 भवत्याः = आपकी (स्त्री)
3. व्यक्ति या वस्तु का परिचय
(क) वह कौन है? (दूर की वस्तु/व्यक्ति)
सः कः ?
वह कौन है? (पुंल्लिङ्ग)
सः पिता अस्ति।
वह पिता हैं।
सा का ?
वह कौन है? (स्त्रीलिङ्ग)
सा माता अस्ति।
वह माता हैं।
तत् किम् ?
वह क्या है? (नपुंसकलिङ्ग)
तत् वाहनम् अस्ति।
वह गाड़ी है।
4. यह कौन है? (पास की वस्तु/व्यक्ति)
(क) पुल्लिङ्ग
अयं कः ?
यह कौन है?
अयम् अग्रजः अस्ति।
यह बड़ा भाई है।
(ख) स्त्रीलिङ्ग
इयं का ?
यह कौन है?
इयम् अग्रजा अस्ति।
यह बड़ी बहन है।
(ग) नपुंसकलिङ्ग
इदं किम् ?
यह क्या है?
इदं दूरदर्शनम् अस्ति।
यह दूरदर्शन (टीवी) है।
5. अस्ति (है) का प्रयोग
संस्कृत में "है" के लिए अस्ति शब्द प्रयोग होता है।
- सः बालकः अस्ति। — वह बालक है।
- सा भगिनी अस्ति। — वह बहन है।
- सा सखी अस्ति। — वह सखी है।
- तत् मित्रम् अस्ति। — वह मित्र है।
6. मम (मेरा / मेरी) का प्रयोग
- एषः मम पिता अस्ति। — यह मेरे पिता हैं।
- एषा मम माता अस्ति। — यह मेरी माता हैं।
- एषा मम सखी अस्ति। — यह मेरी सहेली है।
- एषा मम लेखनी अस्ति। — यह मेरी कलम है।
7. आज का अभ्यास (Practice)
- संस्कृत में अपना नाम बोलने का अभ्यास करें।
- घर के किसी सदस्य की ओर इशारा कर संस्कृत में कहें।
- अपने पास रखी किसी वस्तु के लिए इदं किम्? बोलें।
Day 1 का सार
- संस्कृत में परिचय देना सीखा
- लिङ्ग के अनुसार शब्दों का प्रयोग
- सरल बोलचाल के वाक्य
👉 Day 2 में हम सीखेंगे:
सम्बन्धवाचकशब्दाः (रिश्तों के शब्द) एवं स्थानवाचक प्रयोग






