• 29 Mar, 2026

श्रीरामानुजाचार्य स्वामीजी

सप्तम अध्याय – श्रीरामानुज की आध्यात्मिक दृढ़ता और गुरु-भक्ति

सप्तम अध्याय में श्रीरामानुज की आध्यात्मिक यात्रा, गुरु भक्ति, वैष्णव परंपरा की श्रेष्ठता, और शरणागति के महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तृत वर्णन।

Read More

षष्ठ अध्याय – श्रीकांचीपूर्ण | रामानुज चरित्र

षष्ठ अध्याय श्रीकांचीपूर्ण – श्रीरामानुज और श्रीकांचीपूर्ण का दिव्य मिलन, भक्ति, ज्ञान, गुरु-शिष्य संबंध, और श्रीवरदराज की कृपा से जुड़ी एक प्रेरणादायक कथा।"

Read More

चतुर्थ अध्याय – बन्धु-समागम | श्रीरामानुज चरित्र कथा

“चतुर्थ अध्याय बन्धु-समागम में श्रीरामानुज का घर लौटना, माता-पुत्र मिलन, भगवान की कृपा और श्रीकाञ्चीपूर्ण के साथ दिव्य संगम का भावपूर्ण वर्णन मिलता है।”

Read More

पंचम अध्याय — ‘राजकुमारी’

इस अध्याय में श्रीरामानुज की विनम्रता, गोविन्द का शिव-भक्ति मार्ग, आलवंदार का दर्शन, राजकुमारी का भूत-निवारण और वेदान्त चर्चा के कारण रामानुज-यादवप्रकाश मतभेद का वर्णन मिलता है। यह अध्याय उनके आध्यात्मिक तेज और विशिष्टाद्वैत सिद्धान्त की भूमिका प्रस्तुत करता है।

Read More