Day 2 : सम्बन्धवाचकशब्दाः (रिश्तों के शब्द) एवं स्थानवाचक प्रयोग
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इस पाठ में क्या सीखेंगे?
- परिवार के रिश्तों के संस्कृत शब्द
- कौन‑किसका सम्बन्ध है, यह संस्कृत में कहना
- यहाँ, वहाँ, दूसरी जगह, सब जगह जैसे शब्दों का प्रयोग
- "इसका / उसका नाम क्या है" जैसे दैनिक वाक्य
यह पाठ संस्कृत बोलचाल कोर्स (Beginner Level) का दूसरा अभ्यास है।
1. सम्बन्धवाचक शब्द (Family Relation Words)
(क) पितृ पक्ष के सम्बन्ध
- पितामहः — दादा
- पितामही — दादी
- पितृव्यः — चाचा
- पितव्या — चाची
- पिता / जनकः — पिता
(ख) मातृ पक्ष के सम्बन्ध
- मातामहः — नाना
- मातामही — नानी
- मातुलः — मामा
- मातुलानी — मामी
- माता / जननी — माता
(ग) भाई‑बहन सम्बन्ध
- भ्राता — भाई
- भगिनी — बहन
- अग्रजः — बड़ा भाई
- ज्येष्ठः — जेठ
- अनुजः — छोटा भाई
- अनुजा — छोटी बहन
(घ) अन्य पारिवारिक सम्बन्ध
- पुत्रः — बेटा
- पुत्री — बेटी
- स्नुषा — बहू
- श्वशुरः — श्वसुर
- श्वश्रूः — सास
- देवरः — देवर
2. स्थानवाचक शब्दों का प्रयोग
संस्कृत में स्थान बताने के लिए अत्र, तत्र, अन्यत्र, सर्वत्र जैसे शब्द प्रयोग होते हैं।
- उत्पीठिका अत्र अस्ति।
टेबल यहाँ है। - माता अन्यत्र अस्ति।
माँ दूसरी जगह है। - वायुः सर्वत्र अस्ति।
हवा सब जगह है। - मञ्चः तत्र अस्ति।
मंच वहाँ है।
3. इसका / उसका नाम क्या है?
(क) दूर की वस्तु/व्यक्ति के लिए
तस्य नाम किम् ?
उसका नाम क्या है?
(ख) पास की वस्तु/व्यक्ति के लिए
अस्य नाम किम् ?
इसका नाम क्या है?
👉 अस्य = इसका
👉 तस्य = उसका
4. बोलचाल के उदाहरण
- एषः मम पितृव्यः अस्ति। — यह मेरे चाचा हैं।
- सा मम मातुलानी अस्ति। — वह मेरी मामी हैं।
- अयम् मम भ्राता अस्ति। — यह मेरा भाई है।
- इयं मम अनुजा अस्ति। — यह मेरी छोटी बहन है।
5. आज का अभ्यास (Practice)
- अपने परिवार के पाँच सदस्यों के नाम लेकर संस्कृत में बोलिए।
- घर की किसी वस्तु के लिए अत्र / तत्र का प्रयोग कीजिए।
- किसी व्यक्ति की ओर संकेत कर पूछिए — अस्य नाम किम् ?
Day 2 का सार
- परिवार के सम्बन्धवाचक शब्द सीखे
- स्थानवाचक शब्दों का सही प्रयोग
- दैनिक जीवन के प्रश्न‑वाक्य
👉 Day 3 में हम सीखेंगे:
तीसरा अभ्यास : वस्तूनां नामानि (दैनिक उपयोग की वस्तुएँ) एवं आवश्यकतावाचक वाक्य






