• 31 Mar, 2026

पाठ 15 : पुनरावलोकन एवं अभ्यास (Revision Chapter)

इस पाठ में हम अब तक पढ़े गए 14 अभ्यासों के सभी विषयों को एकत्रित कर रहे हैं। यह पाठ विशेष रूप से revision और practice के लिए है।।


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1. व्यक्तिगत परिचय (परस्परं परिचय)

  • मम नाम शम्भुनाथः।
  • भवतः नाम किम् ?
  • भवत्याः नाम किम् ?
  • सः बालकः अस्ति। सा भगिनी अस्ति।

अभ्यास 1

  1. स्वनाम लिखिए।
  2. परिवार के सदस्य पर वाक्य बनाइए।

2. वस्तुएँ और उनके नाम (वस्तूनां नामानि)

  • दर्पणः, कङ्कतम्, क्षुरपत्रम्, आसन्दः, चमसः, पादत्राणम्, पादरक्षा
  • लेखनी, पुस्तिका, कर्गदः, अङ्कनी, कूपी

अभ्यास 2

  1. घर में चार वस्तुओं के नाम संस्कृत में लिखिए।
  2. प्रत्येक वस्तु पर एक वाक्य बनाइए।

3. क्रियापद प्रयोग (क्रियापदप्रयोगः)

  • गच्छति, आगच्छति, उत्तिष्ठति, उपविशति, खादति, पिबति, पठति, हसति, क्रीडति, आह्वयति, प्रेषयति

अभ्यास 3

  1. पाँच वाक्य बनाइए जिनमें क्रियापद का प्रयोग हो।
  2. किसी एक वाक्य को भूतकाल और भविष्यकाल में परिवर्तित कीजिए।

4. सामान्य वाक्य (सामान्यवाक्यानि)

  • सर्वे पठन्ति। तत्र पुस्तकानि सन्ति। एते वानराः सन्ति।
  • भवान् कदा गृहं गच्छति? अद्य मङ्गलवासरः अस्ति। श्वः गृहं गमिष्यामि।

अभ्यास 4

  1. तीन सामान्य वाक्य बनाइए।
  2. किसी एक वाक्य में समय का उल्लेख कीजिए।

5. कालवाचक अव्यय (समयसूचक अव्यय)

  • कदा, अद्य, श्वः, परश्वः, प्रपरश्वः, ह्याः, परह्यः, प्रपरह्यः, गत, आगामी
  • अग्रे, पृष्ठे

अभ्यास 5

  1. तीन वाक्यों में कालवाचक अव्यय का प्रयोग कीजिए।
  2. वाक्यों को भूतकाल या भविष्यकाल में परिवर्तित कीजिए।

6. सङ्ख्या (संख्या)

  • 1–20, 30, 40, 50, 100, 1000, 10000, 100000, 10000000
  • घण्टा, मिनट, सेकेंड, प्रातः, सायम्, वासराणां नामानि, मासानां नामानि

अभ्यास 6

  1. अपने दिन के समय और कार्य लिखिए।
  2. सप्ताह और मास के नाम प्रयोग कर वाक्य बनाइए।

7. क्रियावाचक शब्द (verbs)

  • भ्रमति, प्रेषयति, नयति, आनयति, शृणोति, आह्वयति, पतति, पश्यति, यच्छति, वदति, हसति, प्रक्षालयति, गृह्णाति, तर्जयति, स्मरति, क्रीडति

अभ्यास 7

  1. पाँच क्रियावाचक शब्दों से वाक्य बनाइए।
  2. किसी वाक्य को भूतकाल और भविष्यकाल में परिवर्तित कीजिए।

8. सामान्य शिष्टाचार (daily polite phrases)

  • नमस्ते, आगच्छतु, उपविशतु, धन्यवादः, स्वागतम्, सुप्रभातम्, क्षम्यताम्, चिन्ता मास्तु, शुभरात्रिः

अभ्यास 8

  1. तीन संवाद बनाइए जिनमें शिष्टाचार वाक्य प्रयोग हों।
  2. परिवार में किसी से विनम्रता से बात करने का वाक्य बनाइए।

9. भोज्यपदार्थ (foods) और मसाले (spices)

  • रोटिका, सूपः, दुग्धम्, पायसम्, तण्डुलः, शाकम्, दधि, मिष्ठान्नम्
  • जीरकम्, हरिद्रा, हिङ्गः, लवणम्, धन्यकम्, मेथिका, एला

अभ्यास 9

  1. नाश्ते या भोजन में प्रयोग होने वाली पाँच वस्तुएँ लिखिए।
  2. दो मसालों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।

10. वस्त्र (clothes)

  • शाटिका, चोलः, धोती, युतकम्, ऊरुकम्, करवस्त्रम्, गलबन्धः, राङ्कवम्, ऊणिका, पादकोशः, शिरस्त्रम्, कारांशुकम्

अभ्यास 10

  1. अपने कपड़ों के नाम संस्कृत में लिखिए।
  2. किसी वस्त्र पर आधारित वाक्य बनाइए।

11. भूतकाल व भविष्यकाल संयुक्त अभ्यास

  • उदाहरण: अहं ह्यः पाठशालां गतवान्। श्वः अहं गृहं गमिष्यामि।

अभ्यास 11

  1. तीन वाक्य बनाइए, एक भूतकाल, एक वर्तमान और एक भविष्यकाल।
  2. समयसूचक अव्यय का प्रयोग कीजिए।

12. सम्बोधनसूचक शब्द (vocatives)

  • हे, भोः, हे मातः, हे पितः, हे भगिनि, हे भ्रातः, आर्य, आर्ये

अभ्यास 12

  1. तीन संवाद बनाइए जिनमें सम्बोधन शब्द हों।
  2. किसी एक वाक्य में परिवार के सदस्य को संबोधित कीजिए।

13. मिश्रित अभ्यास (revision exercises)

  1. अहं श्वः किम् करिष्यामि? (उत्तर लिखिए)
  2. सा ह्यः किं खादितवती? (भूतकाल वाक्य)
  3. हे मित्र! एतत् कार्यं कर्तुं किं करिष्यसि? (सम्बोधन + भविष्यकाल)
  4. सप्ताह और मास के नाम से वाक्य बनाइए।
  5. पाँच क्रियापदों से वाक्य बनाइए।

14. इंटरलिंक और Guru Parampara App Promo

📱 इस पाठ और अन्य अभ्यासों को और interactive बनाने के लिए आप Guru Parampara App डाउनलोड कर सकते हैं।

  • रोज़ के अभ्यास वीडियो
  • उच्चारण और बोलचाल के लिए ऑडियो
  • दैनिक शब्दावली और क्विज़

इससे आपका संस्कृत बोलचाल का अभ्यास आसान और मजेदार बन जाएगा।


✅ यह पाठ Revision Chapter के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिससे छात्र अब तक सीखे सभी विषयों का अभ्यास, इंटरलिंक और प्रैक्टिकल उपयोग कर सके।

Hari Krishna Regmi

Hari Krishna Regmi

I am a writer and researcher dedicated to collecting and sharing Hindu stotra, rituals, festivals, and cultural wisdom. My work focuses on preserving and presenting authentic knowledge in a simple, meaningful way.