गरुडपुराण अध्याय 3 यममार्ग यात्रा और नरक-यातनाओं का वर्णन
यमयातनाका वर्णन, चित्रगुप्तद्वारा श्रवणोंसे प्राणियोंके शुभाशुभ कर्मके विषयमें पूछना, श्रवणोंद्वारा वह सब धर्मराजको बताना और धर्मराजद्वारा दण्डका निर्धारण
यमयातनाका वर्णन, चित्रगुप्तद्वारा श्रवणोंसे प्राणियोंके शुभाशुभ कर्मके विषयमें पूछना, श्रवणोंद्वारा वह सब धर्मराजको बताना और धर्मराजद्वारा दण्डका निर्धारण
यममार्गकी यातनाओंका वर्णन, वैतरणी नदीका स्वरूप, यममार्गके सोलह पुरोंमें क्रमश: गमन तथा वहाँ पुत्रादिकोंद्वारा दिये गये पिण्डदानको ग्रहण करना
भगवान् विष्णु तथा गरुडके संवादमें गरुडपुराण-सारोद्धारका उपक्रम, पापी मनुष्योंकी इस लोक तथा परलोकमें होनेवाली दुर्गतिका वर्णन, दशगात्रके पिण्डदानसे यातनादेहका निर्माण
द्वादश दिव्य सूरी और दस पूर्वाचार्यों के नाम और विवरण। श्रीरामानुजाचार्य के प्रमुख शिष्यों और आलवारों की नामावली।
श्रीरामानुजाचार्य द्वारा रचित प्रमुख ग्रन्थों का परिचय एवं विवरण। वेदार्थ संग्रह, वेदान्तसार, वेदान्त दीप, श्रीभाष्य, गीता भाष्य, गद्यत्रय, नित्याराधन।
भगवान भाष्यकार द्वारा जीवों की मुक्ति के उपाय, उपदेश और मार्गदर्शन। मोक्षकामी वैष्णवों के लिए संपूर्ण निर्देश।
विशिष्टाद्वैत वेदांत के अनुसार जीव, प्रकृति और परब्रह्म के स्वरूप, कारण और परिणाम, जीवों का तिरोहित स्वरूप, तथा मोक्ष और भक्ति का मार्ग।
एकोनत्रिंश अध्याय में श्रीरामानुजाचार्य की मूर्तिप्रतिष्ठा, शिष्यों की भक्ति, गुरु-विरह, और उनके जीवनकाल की घटनाओं का विस्तृत वर्णन।
अष्टाविंशति अध्याय में श्रीरामानुज के शिष्यों के अलौकिक गुण, भक्ताग्रणी कूरेश की महिमा, अनन्ताचार्य और उनके शिष्यगण की भक्ति और सेवा का विस्तृत वर्णन।
सप्तविंश अध्याय में श्रीरामानुजाचार्य, परम भक्त कूरेश की भक्ति, ज्ञानचक्षु प्राप्ति और भगवान श्रीवरदराज की कृपा का विस्तृत वर्णन।
श्रीरामानुजाचार्य का यादवाद्रि में देवमूर्ति की स्थापना, दिल्ली से रामप्रिय मूर्ति लाना, सम्राट-कन्या की भक्ति और जातिविहीन भक्तिभाव का वर्णन।
